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| डॉ. परवीन रानी |
लुधियाना, 03 मार्च, 2026 (संजीव आहूजा): होली भारत का बहुत रंगीन और खुशियों भरा त्योहार है। लेकिन डॉक्टरों के लिए यह समय आंखों और त्वचा की समस्याओं के बढ़ने का भी होता है। होली के बाद अस्पतालों में आंखों में जलन, खरोंच, लालिमा, कंजंक्टिवाइटिस (आंख आना), त्वचा पर रैश, एलर्जी, मुंहासे बढ़ना और गुब्बारों से चोट के मामले बढ़ जाते हैं।
आजकल बाजार में मिलने वाले कई रंगों में केमिकल, भारी धातुएं और औद्योगिक डाई मिलाई जाती हैं, जो आंखों और त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। गीले रंग ज्यादा देर तक त्वचा पर लगे रहें या उन्हें जोर से रगड़कर हटाया जाए तो इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
डॉ. परवीन रानी, एसोसिएट कंसल्टेंट – नेत्र रोग विभाग, फोर्टिस अस्पताल, लुधियाना के अनुसार, “होली के दौरान होने वाली आंखों की चोटें ज्यादातर रोकी जा सकती हैं। अगर तुरंत इलाज मिल जाए तो गंभीर नुकसान से बचा जा सकता है। आंख से जुड़ी इमरजेंसी में पहला घंटा बहुत महत्वपूर्ण होता है।”
होली के बाद होने वाली आम समस्याएं
- आंखों में जलन या लालिमा
- खुजली और जलन
- त्वचा पर सूजन या रैश
- त्वचा का सूखना या छिलना
- मुंहासे बढ़ना
- इंफेक्शन
किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए?
- कॉन्टैक्ट लेंस लगाने वाले लोग
- जिनको ड्राई आई, एलर्जी या आंखों का ऑपरेशन हुआ हो
- जिनकी त्वचा संवेदनशील हो, एक्जिमा या मुंहासे हों
- बच्चे और बुजुर्ग
- कॉन्टैक्ट लेंस लगाने वाले लोगों को खास सावधानी रखनी चाहिए। रंग के कण लेंस और आंख के बीच फंसकर चोट और इंफेक्शन कर सकते हैं। होली खेलते समय लेंस न पहनें।
आंखों और त्वचा की सुरक्षा कैसे करें?
- हर्बल या सुरक्षित रंग ही चुनें।
- धूप का चश्मा लगाएं।
- त्वचा और आंखों के आसपास मॉइश्चराइजर या नारियल तेल लगाएं।
- गीली और गंदी पानी वाली होली से बचें।
- पूरे बाजू के कपड़े पहनें।
- चेहरे पर सीधे रंग या गुब्बारे न फेंकें।
- पास में साफ पानी और आई ड्रॉप रखें।
अगर आंख में रंग चला जाए
- 10–15 मिनट तक साफ पानी से धोएं।
- आंखों को सामान्य रूप से झपकाएं।
- आंखें न रगड़ें।
- गुलाबजल या दूध जैसे घरेलू नुस्खे न डालें।
- दर्द, धुंधला दिखना या ज्यादा लालिमा हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
त्वचा के लिए
- गुनगुने पानी और हल्के फेस वॉश से धोएं।
- जोर से न रगड़ें।
- तुरंत मॉइश्चराइजर लगाएं।
- समस्या बनी रहे तो त्वचा विशेषज्ञ से मिलें।
होली खुशियों का त्योहार है। थोड़ी सावधानी और सही समय पर इलाज से आप इस त्योहार को बिना किसी परेशानी के मना सकते हैं।
